इस गीत का मेरे ऊपर भयंकर असर है..
वो तेवर,
वो उलाहना,
वो चुनौती..
ऐसा लगता है कि सारे जमाने को एक चुनौती भी है कि देखो..
आज तुम्हें मेरी पहचान नहीं हो रही है.. कल को रोओगे...।
जो आदमी जीवन भर दूसरों को हंसाने के चक्कर में रहता है, और लात खाता है.. न..उसकी बड़ी ख्वाहिश होती है कि
दिल का सूना साज़ तराना ढूँढेगा
तीर-ए-निगाह-ए-नाज़ निशाना ढूँढेगा
मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा
लोग मेरे ख़्वाबों को चुरा के, ढालेंगे अफ़सानों में
मेरे दिल की आग बँटेगी, दुनिया के परवानों में
वक़्त मेरे गीतों का ख़ज़ाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
साथी मुझको याद करेंगे, भीगी-भीगी शामों में
लेकिन इक मासूम सा दिल भी, इन सारे हँगामों में
छुप-छुप के रोने का बहाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
आस का सूरज साथ रहेगा, जब साँसों की राहों में
ग़म के अंधेरे छट जायेंगे, मंज़िल होगी बाँहों में
प्यार धड़कते दिल का ठिकाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
एक बार सुनिए...
https://www.youtube.com/watch?v=v62_-JTtVIU
तीर-ए-निगाह-ए-नाज़ निशाना ढूँढेगा
मुझको मेरे बाद ज़माना ढूँढेगा
लोग मेरे ख़्वाबों को चुरा के, ढालेंगे अफ़सानों में
मेरे दिल की आग बँटेगी, दुनिया के परवानों में
वक़्त मेरे गीतों का ख़ज़ाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
साथी मुझको याद करेंगे, भीगी-भीगी शामों में
लेकिन इक मासूम सा दिल भी, इन सारे हँगामों में
छुप-छुप के रोने का बहाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
आस का सूरज साथ रहेगा, जब साँसों की राहों में
ग़म के अंधेरे छट जायेंगे, मंज़िल होगी बाँहों में
प्यार धड़कते दिल का ठिकाना ढूँढेगा
दिल का सूना साज़...
एक बार सुनिए...
https://www.youtube.com/watch?v=v62_-JTtVIU
और
देखिए कि मुझे मेरे बाद कोई खोजेगा कि नहीं...।
क्या किसी और की भी ऐसी हसरत है कि बस...मेरा ही पागलपन है..
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